देशनई दिल्ली

भारतीय नौसेना को मिलेगी नई ताकत: यार्ड 142 सलेज बार्ज का जलावतरण, यार्ड 144 और 148 का निर्माण शुरू

भारतीय नौसेना ने ठाणे के सूर्यदीप्ता प्रोजेक्ट्स में 'यार्ड 142' स्लेज बार्ज को लॉन्च किया और 'यार्ड 144' तथा 'यार्ड 148' का निर्माण शुरू किया, जो 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' को बढ़ावा देता है।

ठाणे : भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, ठाणे स्थित मेसर्स सूर्यदीप्ता प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड में पहले सलेज बार्ज (यार्ड 142) का जलावतरण किया गया। इसके साथ ही तीसरी सलेज बार्ज (यार्ड 144) और पहली बॉटम ओपनिंग डंब बार्ज (यार्ड 148) के निर्माण कार्य का भी शुभारंभ हुआ।

इस कार्यक्रम में युद्धपोत उत्पादन एवं अधिग्रहण के सहायक नियंत्रक रियर एडमिरल कपिल मेहता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

भारतीय नौसेना के लिए चार 300 टन क्षमता वाली सलेज बार्ज और तीन बॉटम ओपनिंग डंब बार्ज के निर्माण हेतु एमएसएमई श्रेणी के शिपयार्ड मेसर्स सूर्यदीप्ता प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, ठाणे के साथ अनुबंध किए गए थे। सलेज बार्ज के निर्माण का अनुबंध नवंबर 2024 में, जबकि बॉटम ओपनिंग डंब बार्ज के निर्माण का अनुबंध जनवरी 2026 में किया गया था।

इन बार्ज के निर्माण से भारतीय नौसेना के जहाजों के संचालन और समुद्री गतिविधियों को आवश्यक सहायता मिलेगी।

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इन जहाजों का डिजाइन और निर्माण शिपयार्ड द्वारा एक भारतीय जहाज डिजाइन फर्म तथा भारतीय पोत परिवहन रजिस्टर (आईआरएस) के सहयोग से स्वदेशी रूप से किया गया है। यह परियोजना देश के जहाज निर्माण क्षेत्र में घरेलू तकनीकी क्षमता और एमएसएमई की भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

ये बार्ज भारतीय नौसेना के पोतों के परिचालन में सहायता करने के साथ-साथ समुद्री प्रदूषण की रोकथाम से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुपालन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

यार्ड 142 का जलावतरण और यार्ड 144 तथा 148 के निर्माण कार्य की शुरुआत भारत सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहलों के अनुरूप है। यह परियोजना स्वदेशी जहाज निर्माण को प्रोत्साहित करने और भारतीय एमएसएमई क्षेत्र की क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम उपलब्धि है।

भारतीय शिपयार्ड में इन बार्ज का निर्माण देश की रक्षा उत्पादन क्षमता और नौसेना की परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए स्वदेशी समाधानों के महत्व को रेखांकित करता है।

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Amresh Dwivedi

अमरेश द्विवेदी देश की एकमात्र बहुभाषी न्यूज़ एजेंसी हिंदुस्थान समाचार में कार्यरत हैं। इसके अलावा हिंदुस्थान समाचार की पाक्षिक पत्रिका युगवार्ता और मासिक पत्रिका नवोत्थान के साथ ही विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में भी उनके आलेख छपते रहते हैं।

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