देशनई दिल्ली

अरुणाचल में रणनीतिक बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही बीआरओ की अरुणांक परियोजना

'अरुणंक प्रोजेक्ट' ने 24 अक्टूबर, 2026 को नहारलगुन में अपना 19वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर अरुणाचल प्रदेश में रणनीतिक सड़कों, सीमा संपर्क और टिकाऊ बुनियादी ढांचे के निर्माण में इसके योगदान को रेखांकित किया गया।

नाहरलगुन, अरुणाचल प्रदेश : सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की अरुणांक परियोजना ने 24 अक्टूबर 2026 को अरुणाचल प्रदेश के नाहरलगुन में अपना 19वां स्थापना दिवस मनाया। यह अवसर राज्य के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में रणनीतिक बुनियादी ढांचे के विकास, सड़क संपर्क में सुधार और सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए परियोजना के योगदान को रेखांकित करता है।

वर्ष 2008 में शुरू हुई अरुणांक परियोजना ने लगभग दो दशकों के दौरान कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में सड़क निर्माण और रखरखाव के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके प्रयासों से सशस्त्र बलों की परिचालन तैयारियों को मजबूती मिलने के साथ-साथ दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए आवागमन और विकास के अवसरों में भी सुधार हुआ है।

अरुणाचल प्रदेश के ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी इलाकों, घने जंगलों और प्रतिकूल मौसम में बुनियादी ढांचे का निर्माण एक बड़ी चुनौती है। अरुणांक परियोजना इन परिस्थितियों में महत्वपूर्ण सड़कों और अन्य रणनीतिक अवसंरचनाओं के निर्माण एवं रखरखाव का कार्य कर रही है।

बेहतर सड़क संपर्क से सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंच आसान होती है और रक्षा बलों की आवाजाही तथा आवश्यक संसाधनों की आपूर्ति में सहायता मिलती है। इसके अलावा, स्थानीय नागरिकों को परिवहन, संपर्क सुविधाओं और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार का लाभ मिलता है।

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अरुणांक परियोजना दुर्गम क्षेत्रों में टिकाऊ और मजबूत निर्माण सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीकों तथा नवीन इंजीनियरिंग समाधानों को अपना रही है।

परियोजना के तहत वैकल्पिक निर्माण सामग्री, जियोसेल तकनीक और ढलानों की सुरक्षा से जुड़े उपायों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन तकनीकों से सड़क संरचनाओं की मजबूती बढ़ाने, भू-क्षरण संबंधी चुनौतियों से निपटने और बुनियादी ढांचे की दीर्घकालिक कार्यक्षमता बनाए रखने में मदद मिलती है।

इन प्रयासों का उद्देश्य कठिन भौगोलिक और मौसमी परिस्थितियों के बावजूद सड़क नेटवर्क को अधिक टिकाऊ बनाना है।

अरुणांक परियोजना में काम करने वाले दिहाड़ी मजदूरों (CPL) के कल्याण को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इसके तहत श्रमिकों के लिए बेहतर आश्रय, सुरक्षा संबंधी कपड़े, स्वच्छता सुविधाएं और नियमित चिकित्सा शिविर उपलब्ध कराने जैसे कदम उठाए गए हैं।

दुर्गम क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिक सड़क निर्माण और रखरखाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर कार्य परिस्थितियां परियोजना के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक हैं।

बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ अरुणांक परियोजना सामुदायिक कल्याण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में भी योगदान दे रही है।

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परियोजना के अंतर्गत साइकिलिंग और योग कार्यक्रमों, स्वच्छता अभियानों तथा साइबर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों के तहत ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत 25,815 पौधे लगाए गए हैं।

ये पहलें पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्थानीय समुदायों के साथ सकारात्मक जुड़ाव को प्रोत्साहित करने में सहायक हैं।

अरुणांक परियोजना का 19वां स्थापना दिवस अरुणाचल प्रदेश में रणनीतिक सड़क नेटवर्क के विकास और दूरदराज के क्षेत्रों को बेहतर संपर्क सुविधाओं से जोड़ने के प्रयासों को दर्शाता है।

सीमा सड़क संगठन की यह परियोजना रक्षा बलों की परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ स्थानीय आबादी के लिए आवागमन और विकास के अवसर बढ़ाने में योगदान दे रही है। आधुनिक इंजीनियरिंग, श्रमिक कल्याण और पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान केंद्रित करते हुए अरुणांक परियोजना राज्य के सीमावर्ती बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

Amresh Dwivedi

अमरेश द्विवेदी देश की एकमात्र बहुभाषी न्यूज़ एजेंसी हिंदुस्थान समाचार में कार्यरत हैं। इसके अलावा हिंदुस्थान समाचार की पाक्षिक पत्रिका युगवार्ता और मासिक पत्रिका नवोत्थान के साथ ही विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में भी उनके आलेख छपते रहते हैं।

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