
बान्यूवांगी, इंडोनेशिया : भारत और इंडोनेशिया के बीच संयुक्त विशेष बल अभ्यास ‘गरुड़ शक्ति’ (Garuda Shakti) के 11वें संस्करण का शुभारंभ 27 अक्टूबर 2026 को इंडोनेशिया के बान्यूवांगी में हुआ। यह संयुक्त सैन्य अभ्यास 6 नवंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इसमें भारतीय सेना की पैराशूट रेजिमेंट (विशेष बल) की टुकड़ियां और इंडोनेशिया के विशेष बलों के जवान भाग ले रहे हैं।
इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के विशेष बलों के बीच आपसी समझ, समन्वय और संयुक्त परिचालन क्षमता को मजबूत करना है। इसके माध्यम से दोनों देशों के सैन्य दल जंगलों में विशेष अभियान संचालित करने की रणनीतियों, तकनीकों और प्रक्रियाओं का संयुक्त प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
‘गरुड़ शक्ति-2026’ के दौरान विशेष बलों की युद्धक दक्षता और कठिन परिस्थितियों में अभियान संचालित करने की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण सैन्य गतिविधियां शामिल हैं। बाधाओं को पार करने का प्रशिक्षण, युद्धक निशानेबाजी का अभ्यास, पर्वतारोहण और कठिन भूभाग में संचालन, हवाई आक्रमण से संबंधित प्रशिक्षण, युद्ध जैसी परिस्थितियों में अभियान संचालित करने का अभ्यास, हथियारों, उपकरणों और परिचालन प्रक्रियाओं से जुड़ी विशेषज्ञता का आदान-प्रदान।
इन गतिविधियों के जरिए दोनों देशों के सैनिक एक-दूसरे की कार्यप्रणाली को समझेंगे और संयुक्त अभियानों के दौरान बेहतर तालमेल स्थापित करने की क्षमता विकसित करेंगे।
संयुक्त अभ्यास के अंतिम चरण में एक सत्यापन अभ्यास आयोजित किया जाएगा। इसमें वास्तविक परिचालन परिस्थितियों के अनुरूप विभिन्न परिदृश्य तैयार किए जाएंगे। इनके माध्यम से दोनों देशों के सैन्य दलों की सहनशक्ति, आपसी समन्वय, परिचालन दक्षता और युद्धक तत्परता का आकलन किया जाएगा।
यह चरण प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए कौशल को व्यावहारिक परिस्थितियों में लागू करने और संयुक्त रूप से अभियान संचालित करने की क्षमता का मूल्यांकन करने में महत्वपूर्ण होगा।
‘गरुड़ शक्ति’ भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने वाला एक महत्वपूर्ण संयुक्त सैन्य अभ्यास है। इसके माध्यम से दोनों देशों के विशेष बलों को प्रशिक्षण, अनुभव और परिचालन प्रक्रियाओं के आदान-प्रदान का अवसर मिलता है।
अभ्यास का 11वां संस्करण दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग, आपसी विश्वास और संयुक्त परिचालन क्षमता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे भारत और इंडोनेशिया के द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने में मदद मिलेगी।


