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उन्नाव में नहर में फेंकी जा रहीं मरी गायें: 1 हफ्ते में 6 शव मिले, पानी दूषित—ग्रामीणों का हंगामा

उन्नाव। जिले के Murtaza Nagar क्षेत्र में नहर में मरी हुई गायों को फेंके जाने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। पिछले एक सप्ताह में 5 से 6 गायों के शव नहर में मिलने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह काम लगातार गुपचुप तरीके से किया जा रहा है, जिससे इलाके में डर और नाराजगी दोनों बढ़ गए हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, नहर में पड़े इन सड़े-गले शवों से पानी पूरी तरह दूषित हो गया है। यह पानी आसपास के खेतों में सिंचाई के लिए भी इस्तेमाल होता है, जिससे फसलों और लोगों की सेहत पर खतरा मंडरा रहा है। लोगों का आरोप है कि आसपास की एक गौशाला में मृत पशुओं के निस्तारण की सही व्यवस्था नहीं है और वहीं से शवों को रात के अंधेरे में नहर में फेंका जा रहा है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बार इस मामले की शिकायत प्रशासन और पशुपालन विभाग से की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए कहा कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

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इस घटना से न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि धार्मिक भावनाएं भी आहत हो रही हैं। गांव के लोगों का कहना है कि गाय को पूजनीय माना जाता है और इस तरह से उसका अपमान करना बेहद गंभीर मामला है।

फिलहाल प्रशासन की ओर से जांच की बात कही जा रही है, लेकिन ग्रामीणों की मांग है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और मृत पशुओं के निस्तारण के लिए वैज्ञानिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी एक अनुभवी ब्रॉडकास्ट जर्नलिस्ट, क्राइम इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टर और डिजिटल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट हैं। उन्होंने डीडी न्यूज़ (दूरदर्शन) में बतौर डिजिटल हेड की सेवाएं दीं और प्राइम टीवी में डिजिटल मार्केटिंग मैनेजर के रूप में न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स की डिजिटल ग्रोथ, ऑडियंस एंगेजमेंट और मल्टी-प्लेटफॉर्म मीडिया स्ट्रैटेजी पर महत्वपूर्ण काम किया। क्राइम इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के तौर पर उन्होंने कई न्यूज़ चैनलों के लिए अंडरकवर/स्पाई-स्टाइल रिपोर्टिंग, स्टिंग ऑपरेशन और फील्ड इन्वेस्टिगेशन किए। संगठित अपराध, साइबर क्राइम, ड्रग्स सिंडिकेट, मानव एवं गौवंश तस्करी और फर्जीवाड़े जैसे विषयों पर उनकी इन्वेस्टिगेशन चर्चित रहीं। कई संवेदनशील मामलों में उन्होंने क्षेत्रीय पुलिस को जरूरी इनपुट व सहयोग उपलब्ध कराया।

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