उन्नाव

उन्नाव में गाय चोरी का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार—पुलिस ने बरामद की गाय

उन्नाव (उत्तर प्रदेश)। जिले में अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत कोतवाली सदर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने गाय चोरी करने वाले दो आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया और उनके कब्जे से चोरी की गई सफेद रंग की गाय भी बरामद कर ली।

पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। 30 अप्रैल को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि गाय चोरी में शामिल आरोपी कुद्दूखेड़ा नई बस्ती इलाके में मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुरेश यादव (22 वर्ष), पुत्र धनीराम यादव, निवासी कुद्दूखेड़ा और हिमेश पाल (20 वर्ष), पुत्र पप्पू पाल, निवासी मोतीनगर के रूप में हुई है।

बताया गया कि 27 अप्रैल 2026 को ग्राम सिंगरौसी निवासी शिवशंकर रावत ने अपनी गाय चोरी होने की शिकायत कोतवाली में दर्ज कराई थी। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 252/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) में केस दर्ज किया था। गिरफ्तारी के बाद मामले में धारा 317(2) भी बढ़ाई गई है।

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पुलिस ने बरामद की गई गाय को उसके असली मालिक शिवशंकर रावत को सौंप दिया। अपनी गाय वापस पाकर उन्होंने पुलिस टीम का आभार जताया।

इस पूरे ऑपरेशन में प्रभारी निरीक्षक चंद्रकांत मिश्र, उपनिरीक्षक उग्रसेन सिंह, हेड कांस्टेबल रामदेव प्रजापति और कांस्टेबल अमित चौधरी व रजत की अहम भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी एक अनुभवी ब्रॉडकास्ट जर्नलिस्ट, क्राइम इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टर और डिजिटल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट हैं। उन्होंने डीडी न्यूज़ (दूरदर्शन) में बतौर डिजिटल हेड की सेवाएं दीं और प्राइम टीवी में डिजिटल मार्केटिंग मैनेजर के रूप में न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स की डिजिटल ग्रोथ, ऑडियंस एंगेजमेंट और मल्टी-प्लेटफॉर्म मीडिया स्ट्रैटेजी पर महत्वपूर्ण काम किया। क्राइम इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के तौर पर उन्होंने कई न्यूज़ चैनलों के लिए अंडरकवर/स्पाई-स्टाइल रिपोर्टिंग, स्टिंग ऑपरेशन और फील्ड इन्वेस्टिगेशन किए। संगठित अपराध, साइबर क्राइम, ड्रग्स सिंडिकेट, मानव एवं गौवंश तस्करी और फर्जीवाड़े जैसे विषयों पर उनकी इन्वेस्टिगेशन चर्चित रहीं। कई संवेदनशील मामलों में उन्होंने क्षेत्रीय पुलिस को जरूरी इनपुट व सहयोग उपलब्ध कराया।

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