ताज़ा खबरेंनई दिल्लीमौसम

दिल्ली में सीएक्यूएम की बड़ी कार्रवाई : 17 जगहों पर मिली धूल और सीएंडडी कचरे की समस्या

पीडब्ल्यूडी को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश, वाहनों से दोबारा हवा में फैलती है सड़क की धूल

नई दिल्ली : दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण और सड़क की धूल से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम ) ने 3 अक्टूबर को दिल्ली के रिंग रोड पर विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। अभियान का उद्देश्य सड़क पर मौजूद धूल और सड़क की सफाई एवं मैकेनिकल स्वीपिंग व्यवस्था की प्रभावशीलता का आकलन करना था।

सीएक्यूएम ने इस निरीक्षण के लिए चार फ्लाइंग स्क्वॉड टीमों को तैनात किया। इन टीमों ने दिल्ली लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकार क्षेत्र में आने वाली इनर और आउटर रिंग रोड की 25 सड़क पट्टियों, यानी करीब 35 किलोमीटर क्षेत्र का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान 17 उल्लंघन सामने आए। इन स्थानों पर सड़क पर अत्यधिक दिखाई देने वाली धूल और निर्माण और विध्वंस (सीएंडडी) अपशिष्ट का जमाव पाया गया।

सीएक्यूएम ने कहा कि निरीक्षण से यह स्पष्ट हुआ है कि संबंधित सड़क स्वामित्व वाली एजेंसियों को निर्धारित सड़क सफाई, स्वीपिंग और धूल नियंत्रण उपायों को सख्ती और प्रभावी तरीके से लागू करने की जरूरत है।

यह भी पढ़ें  दूरदर्शन लखनऊ में 'हिन्दी पखवाड़ा' शुरू, 29 सितंबर तक चलेंगी प्रतियोगिताएं

आयोग ने कहा कि नियमित और प्रभावी सड़क सफाई एवं स्वीपिंग सड़क की धूल को नियंत्रित करने के लिए बेहद जरूरी है। सड़क किनारे और कैरिजवे पर जमा धूल तथा निर्माण एवं विध्वंस कचरा वाहनों की आवाजाही के कारण दोबारा हवा में फैल सकता है। इससे आसपास की आस-पास की हवा की गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है और वायु प्रदूषण बढ़ सकता है।

सीएक्यूएम ने पीडब्ल्यूडी दिल्ली और अन्य संबंधित एजेंसियों को प्राथमिकता के आधार पर सड़क की धूल नियंत्रित करने के लिए उचित सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने संबंधित एजेंसियों से कहा है कि उनके अधिकार क्षेत्र की सड़कों को नियमित सफाई, जमा धूल और सी एंड डीकचरे को हटाने तथा समय पर सुधारात्मक कार्रवाई के जरिए स्वच्छ और धूल-मुक्त रखा जाए।

सीएक्यूएम ने बताया कि ऑपरेशन क्लीन एयर के तहत दिल्ली-एनसीआर में निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा। इन अभियानों का उद्देश्य वायु प्रदूषण नियंत्रण उपायों के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन का आकलन करना, अनुपालन में कमियों की पहचान करना और संबंधित एजेंसियों के जरिए समय पर सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

यह भी पढ़ें  उन्नाव: अकवाबाद टोल प्लाजा के पास अनियंत्रित ट्रैक्टर बिजली के पोल से टकराया, चालक की दर्दनाक मौत; परिवार में मचा कोहराम

Amresh Dwivedi

अमरेश द्विवेदी देश की एकमात्र बहुभाषी न्यूज़ एजेंसी हिंदुस्थान समाचार में कार्यरत हैं। इसके अलावा हिंदुस्थान समाचार की पाक्षिक पत्रिका युगवार्ता और मासिक पत्रिका नवोत्थान के साथ ही विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में भी उनके आलेख छपते रहते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button