एआईआईए में ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान का समापन, 31 अक्टूबर तक जारी रहेगा विशेष अभियान 6.0
समापन कार्यक्रम के दौरान एआईआईए परिसर मेंचलाया गया विशेष स्वच्छता अभियान

अभियान का उद्देश्य संस्थान और इसके आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता, जिम्मेदार कचरा प्रबंधन, पर्यावरण जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना था।
समापन कार्यक्रम के दौरान एआईआईए परिसर में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) पीके प्रजापति ने कहा कि स्वच्छता और स्वच्छता संबंधी आदतें सभी की साझा जिम्मेदारी हैं। उन्होंने लोगों से स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर संस्थान के शिक्षकों, शोधार्थियों और कर्मचारियों को स्वच्छता शपथ भी दिलाई गई। प्रतिभागियों ने स्वच्छता और स्वच्छता संबंधी मानकों को बनाए रखने, जिम्मेदार तरीके से कचरे का प्रबंधन करने तथा स्वच्छ, स्वस्थ और टिकाऊ पर्यावरण के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।
एआईआईए में स्वच्छता और साफ-सफाई बनाए रखने में लगातार योगदान देने वाले सफाई मित्रों को सम्मानित किया गया। उनके समर्पण और निरंतर सेवाओं की सराहना की गई।
पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत एनटीपीसी क्षेत्र में पौधारोपण अभियान भी आयोजित किया गया।
इसमें एआईआईए के वरिष्ठ शिक्षकों, शोधार्थियों और अधिकारियों ने भाग लिया। संस्थान ने इस पहल के माध्यम से स्वच्छता के साथ-साथ पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। दो सप्ताह तक चले अभियान में एआईआईए के शिक्षकों, पीएचडी और स्नातकोत्तर शोधार्थियों, कर्मचारियों, मरीजों तथा उनके परिजनों ने सक्रिय भागीदारी की।
अस्पताल के प्रतीक्षालयों में मरीजों और उनके परिजनों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें चार-तरफा कचरा पृथक्करण, घरेलू कंपोस्टिंग, घटाएं-अपनाएं-पुनर्चक्रित करें (3आर) और सिंगल-यूज प्लास्टिक से बचने जैसे विषयों पर जानकारी दी गई।
अभियान के तहत श्रमदान गतिविधियों के माध्यम से कार्यालय परिसरों और संस्थान के विभिन्न अंदरूनी क्षेत्रों की सफाई की गई। इसके अलावा परिसर और आसपास के चिन्हित स्थानों पर भी स्वच्छता अभियान चलाकर सार्वजनिक स्थानों को साफ और स्वस्थ बनाए रखने का संदेश दिया गया।
एआईआईए में स्वच्छता और प्रभावी कचरा प्रबंधन के प्रयास विशेष अभियान 6.0 के तहत जारी रहेंगे। यह अभियान 31 अक्टूबर तक चलेगा। इसकी थीम “ई-वेस्ट का प्रभावी कलेक्शन, अलग-अलग करना और निपटान” यानी ई-कचरे का प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटान है।


