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उपराष्ट्रपति ने आईसीएसआई के 58वें स्थापना दिवस समारोह को किया संबोधित

सीपी राधाकृष्णन ने सुशासन, निवेशकों के भरोसे और विकसित भारत 2047 पर दिया ज़ोर

नई दिल्ली : उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज भारत मंडपम, नई दिल्ली में इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) के 58वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित किया। उन्होंने आईसीएसआई के करीब छह दशकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सुशासन, पारदर्शिता और नैतिकता भारत की आर्थिक प्रगति तथा निवेशकों के विश्वास की मजबूत नींव हैं।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि “अच्छा शासन वह अदृश्य ढांचा है जो निवेशकों का भरोसा बनाए रखता है।”। उन्होंने कंपनी सचिवों को “शासन के संरक्षक” बताते हुए कहा कि वे भारत इंक. के भरोसे के ढांचे के महत्वपूर्ण केंद्र में हैं। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और तेजी से बदलते कारोबारी मॉडल के दौर में तकनीक निर्णय लेने के तरीके को बदल सकती है, लेकिन ईमानदारी, जवाबदेही, पारदर्शिता और जिम्मेदारी हमेशा मानवीय मूल्यों पर आधारित रहेंगी।

राधाकृष्णन ने कहा कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को हासिल करने में मजबूत संस्थानों और प्रभावी कॉरपोरेट गवर्नेंस की भूमिका भौतिक और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जितनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने आईसीएसआई , आईसीएआई और आईसीएमएआई को भारत के मजबूत कॉरपोरेट और आर्थिक इकोसिस्टम के प्रमुख संस्थागत स्तंभ बताया।

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उन्होंने युवा वर्ग को कंपनी सेक्रेटरी के पेशे से जोड़ने के लिए अधिक अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया और आईसीएसआई की फीस माफी जैसी पहलों की सराहना की। उन्होंने छात्र संपर्क कार्यक्रमों को लगातार बढ़ाने की आवश्यकता भी बताई।

उपराष्ट्रपति ने एमएसएमई अनुपालन कैलेंडर 2027 का शुभारंभ किया। उन्होंने एमएसएमई और स्टार्टअप क्षेत्र के लिए आईसीएसआई की पहलों, विशेष रूप से आईसीएसआई एमएसएमई & स्टार्ट-अप कैटलिस्ट की सराहना की।

उन्होंने शहीद की बेटी पहल के तहत राष्ट्रीय रक्षा कोष और रक्षा मंत्रालय के सशस्त्र बल झंडा दिवस कोष में आईसीएसआई के योगदान की भी प्रशंसा की। इस अवसर पर उन्होंने कहा, “जब इरादा अच्छा होता है, तो सब कुछ अच्छा होता है।”

अपने संबोधन के समापन में उपराष्ट्रपति ने आईसीएसआई से पेशे में लोगों के भरोसे को बनाए रखते हुए आत्मनिर्भर और विकसित भारत @2047 के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य रखना चाहिए, दूसरों पर अपनी शर्तें थोपने के लिए नहीं, बल्कि इसलिए कि कोई हम पर अवांछित शर्तें न थोप सके। उन्होंने “सत्यम वद, धर्मं चर” के शाश्वत संदेश का उल्लेख करते हुए आईसीएसआई की पूरी बिरादरी को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं।

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समारोह में आईसीएसआई के अध्यक्ष सीएस पवन चंडक, पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. सोनल मानसिंह और आईसीएसआई के सचिव सीएस आशीष मोहन सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

Amresh Dwivedi

अमरेश द्विवेदी देश की एकमात्र बहुभाषी न्यूज़ एजेंसी हिंदुस्थान समाचार में कार्यरत हैं। इसके अलावा हिंदुस्थान समाचार की पाक्षिक पत्रिका युगवार्ता और मासिक पत्रिका नवोत्थान के साथ ही विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में भी उनके आलेख छपते रहते हैं।

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