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UP Politics: यूपी की राजनीति में बड़ा बवाल! BJP का अखिलेश यादव पर ‘WANTED’ पोस्टर के जरिए तीखा हमला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर जुबानी जंग ने बड़ा मोड़ ले लिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) उत्तर प्रदेश के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक विवादित और बेहद आक्रामक ‘WANTED’ पोस्टर शेयर किया गया है, जिसने राज्य के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। इस पोस्टर में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को निशाने पर लिया गया है।

पोस्टर में क्या है खास?

BJP द्वारा साझा किए गए इस पोस्टर में अखिलेश यादव की तस्वीर के साथ उन्हें ‘महिला अधिकारों का विरोधी’ बताया गया है। पोस्टर के कैप्शन में लिखा गया है:
“महिलाओं के अधिकारों के विरोध में अखिलेश यादव हैं WANTED… #Mahila_Virodhi_Congress”

बीजेपी ने आरोप लगाते हुए कहा!

पोस्टर में नीचे दो ऐसी लाइनें लिखी गई हैं जो इस समय चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं:
संसद में नारी शक्ति का विरोध: पहली लाइन में अखिलेश यादव पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने संसद में महिला आरक्षण या महिलाओं से जुड़े हक के मुद्दों का विरोध किया है।
‘टोटी चोरी’ का जिक्र: सबसे ज्यादा ध्यान पोस्टर की आखिरी लाइन खींच रही है, जिसमें लिखा है- ‘आखिरी बार देखा गया – टोटी चुराते हुए’। यह लाइन उस पुराने विवाद की याद दिलाती है जब अखिलेश यादव पर सरकारी बंगला छोड़ते समय टोटियां ले जाने का आरोप लगा था।

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लखनऊ की राजनीति का सियासी पारा बढ़ा

BJP का यह हमला सीधा और निजी है, जो आगामी चुनावों और राजनीतिक बढ़त को देखते हुए किया गया प्रतीत होता है। पोस्टर वायरल होने के बाद अब सबकी नजरें समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। क्या सपा भी इसी अंदाज में पलटवार करेगी या इस मुद्दे को कानूनी रूप देगी?

Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी एक अनुभवी ब्रॉडकास्ट जर्नलिस्ट, क्राइम इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टर और डिजिटल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट हैं। उन्होंने डीडी न्यूज़ (दूरदर्शन) में बतौर डिजिटल हेड की सेवाएं दीं और प्राइम टीवी में डिजिटल मार्केटिंग मैनेजर के रूप में न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स की डिजिटल ग्रोथ, ऑडियंस एंगेजमेंट और मल्टी-प्लेटफॉर्म मीडिया स्ट्रैटेजी पर महत्वपूर्ण काम किया। क्राइम इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के तौर पर उन्होंने कई न्यूज़ चैनलों के लिए अंडरकवर/स्पाई-स्टाइल रिपोर्टिंग, स्टिंग ऑपरेशन और फील्ड इन्वेस्टिगेशन किए। संगठित अपराध, साइबर क्राइम, ड्रग्स सिंडिकेट, मानव एवं गौवंश तस्करी और फर्जीवाड़े जैसे विषयों पर उनकी इन्वेस्टिगेशन चर्चित रहीं। कई संवेदनशील मामलों में उन्होंने क्षेत्रीय पुलिस को जरूरी इनपुट व सहयोग उपलब्ध कराया।

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